महाराष्ट्र : ठाणे, मीरा भयंदर महानगरपालिका, टैक्स भरे जनता माल काटे अधिकारी मलाई खाए ठेकेदार, नीचे दिए गए फोटो में आप मीरा भयंदर महानगर पालिका द्वारा लाखों रुपए खर्च कर जनता के पैसे से ठेकेदार और अधिकारी कमीशन खोरी कर लागत मूल्य से अधिक रुपयों का संसाधन जनता के लिए कम अपने लिए ज्यादा करने में दिन रात लगे रहते हैं। तकरीबन 1 महीने से मैं देख रहा हूं कि गोल्डन नेस्ट सर्कल पर लाखों रुपए खर्च कर हाई मास्क लाइट लगाया गया है जिसमें 13 में से सात लाइटें बंद है तथा उसी के बगल में नया नगर जाने वाले रास्ते पर हाई मास्क लगभग सभी लाइटें बंद है वहां से लेकर मैक्सिस मॉल ब्रिज के ऊपर हर अल्टरनेटिव लाइट बंद है मैक्सिस मॉल सर्कल का सिग्नल भी गरीबन दो ढाई महीने से यही हाल है इस सर्कल से सिग्नल से लेकर सुभाष चंद्र मैदान तक रास्ते में पड़ने वाले अल्टरनेटिव लाइट ज्यादातर बंद ही रहती है। किसी को कोई पडी नहीं है यह देख कर बहुत कष्ट होता है। गोल्डन में सर्कल काशीमीरा आते समय दीपक हॉस्पिटल सर्कल पर भी सिग्नल लाइट काफी दिनों से बंद पड़ा है अब सवाल बंद चालू का नहीं है मीरा भाईंदर महानगरपालिका ...
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महा,ठाणे,मिरा भाईंदर महानगर पालिका: *खंबित का नया कमाल, फंस गए गुरु घंटाल*
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भ्रष्टाचार पर PHD करने वाले महा-भ्रष्ट अधिकारी श्री दीपक खंबित पर संसार के सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी को रिसर्च करने की आवश्यकता है। कैसे सरकार के नजरों में अच्छा बनकर पैसा कमाया जाता है। Deepak Bhaskar Khambit Addl. City Engineer MBMC फंस जाने पर कैसे गुमराह कर जांच एजेंसियां से लेकर विभागीय अधिकारियों तक गुमराह किया जाता है यह कोई श्री खंबित से सीखना चाहिए। सन 1994 में मात्र2500 रुपए में 30 दिन आठ घंटे काम करने हेतु ठेका कर्मचारी ( डिप्लोमा होल्डर) से आज इस मिरा भयंदर शहर का सिटी इंजीनियर सभी को खुश रखते हुए बन गए है। जिनके पास आज भी डिप्लोमा ही है, मौजा नवघर के 122D में श्मशान हेतु आरक्षित भूमि है इस आरक्षित भूमि पर बिना शासन से मंजूरी लिए बिना ...
भारतरत्न पंडित भीमसेन जोशी "टेम्बा" अस्पतल में चलता है "रामराज्य" प्रशाषन बेखबर , डॉक्टर मालामाल
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भारतरत्न पंडित भीमसेन जोशी "टेम्बा" अस्पताल में चलता है "रामराज्य" प्रशासन बेखबर , डॉक्टर मालामाल। रामराज्य का मरीजों को होता है खुला अनुभव : अज्ञानता वश यहाँ मरीज का हो रहा है बुरा हाल। मिरा - भायंदर , ठाणे : अभी हाल में ही मिरा भायंदर मनपा द्वारा संचालित टेम्बा अस्पताल को महाराष्ट्र शाषण ने टेक ओवर किया। यहाँ लगभग १४ लाख से ऊपर की आबादी को पहला सरकारी अस्पताल मिला। फिर भी पहले से रामराज्य का आदत यहाँ के डाक्टरों कि नहीं गयी है। यहाँ कि मनपा पहले से ही विवादों में घिरे रहने तथा भ्रस्टाचार से मनपा का चोली दामन का साथ रहा है। फिर यह आदत इतने जल्दी कैसे जाने वाली है। इस अस्पताल की नींव ही भ्रस्टाचार पर कड़ी है चाहे वह अस्पताल बनवाने का ठेका हो या एम्बुलेंस या फिर अन्य बुनियादी जरूरतों के सामान खरीदना हो यहाँ २३% मूल्य का रकम किसी खास व्यक्ति को चढ़ावा के बिना कोई ठेका नहीं मिल सकता तो फिर वह ठेकेदार कैसे सामान का उपयोग करेगा इसका भगवान ही मालिक है। इसके बाद आयुक्त से लेकर बांधकाम के-अधिकारी से नगर सेवक तक को प्रसाद चढ़ा...
आरटीआई से खुला राज "आज तक आये सभी आयुक्त ने भी नहीं निभाया अपनी जिम्मेदारियाँ।"
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भारत का सबसे भ्रस्ट महानगर पालिका बनाने का जिम्मेदार कौन ? आज खुलेगा इस रहस्य से पर्दा , सुचना में मिले दस्तावेज। किस किस ने कैसे और क्यों लुटा इस महानगर को ? इस भरस्टाचार को देख क्या रही अधिकारिओ की भूमिका ? संतोष कुमार तिवारी (सूचना अधिकार कार्यकर्ता ) 9820228621 /9473734487 खोलेंगे आज सबसे बड़ा राज भस्टाचार , भ्रस्टाचार , भ्रस्टाचार आये दिन समाचार पत्रों , डिजिटल न्यूज़ चैनलों तथा प्रधान मंत्री से लेकर राज्य सरकारों के हर महकमों एव यहा तक केंद्र सरकार तक ऑनलाइन शपथ लेने तक की कवायत कर रही है। सम्पूर्ण भारत में ईमानदारी की पाठशाला चलाई जा रही है। यहा तक की "प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट १९८८" को संशोधन किया गया। परंतु यह किस चिड़िया का नाम है ? आज तक जनता इससे रूबरू होती नहीं है या सरकार होने देना नहीं चाहती है "यह अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न है। मीरा भायंदर शहर महानगर पालिका के विषय में आये दिन अपने अपने समाचार के माध्यम कुछ ईमानदार पत्रकार लगातार यहाँ हो रहे भ्रस्टाचार के...
मीरा भायंदर महानगर पालिका को कनिष्ट अभियंता ( प्रशांत जानकर) लगा रहे है करोडो का चुना
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मीरा भायंदर महानगर पालिका को कनिष्ट अभियंता ( प्रशांत जानकर) लगा रहे है करोडो का चुना। "कौन कौन है इस काले कारनामे के शामिल"? मीरा भाईंदर महानगरपालिका: मनपा पूरे भारतवर्ष में भ्रष्टाचार के मामले में अव्वल नंबर पर है यहां तैनात एक मेव विद्युत अभियंता प्रशांत जानकार पहले भी भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे बाद में अपने राजनीतिक वर्चस्व के कारण उन्हें पुनः उसी पद पर तैनात कर दिया गया था उसके बाद पद पर बने रहने के साथ-साथ इनके द्वारा अनेकों घोटाले किए गए इसकी जांच भी चल रही है अभी हाल में ही पता चला है कि मीरा भयंदर मनपा के क्षेत्र में बने अंडर ग्राउंड डक व विद्युत खंभे के ऊपर से बिना मनवा की परवानगी के केवल माफिया तथा मोबाइल टावर के फाइबरऑप्टिकल्स केबल, इंटरनेट केबल, तथा अन्य प्रकार के अनाधिकृत विद्युत बायरो को एक्सेस दिया गया है जिसकी जानकारी मनपा के दस्तावेजों में दर्ज नहीं है इसके बदले विद्युत अभियंता श्री जानकर द्वारा मनपा को करोड़ों की कमाई का चूना लगाकर उनके जेब में गाड़ी कमाई जाती है जिसकी जानकारी हमें मिलने के बाद हमने इसकी...
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खांबीत के "खंभे" पर अटकी जानकर की "जान "
खांबीत के "खंभे" पर अटकी जानकर की "जान " आरटीआई के"४४0 वोल्ट" के झटके से ठेकेदार "बेहाल " महाराष्ट्र के जिला ठाणे , मिरा भायंदर कि महानगर पालिका जो सन २००२ में नगरपरिषद से महानगर पालिका बनकर अस्तित्व में आयी। मुंबई से सटे होने के कारण लोगो का झुकाव इस तरह दिन दुगनी बढ़ने लगा। जनसँख्या के साथ साथ लोगो के जरुरी संसाधन जुटाने का काम यहाँ कि नगर पालिका पर प्रतिदिन बढ़ने लगा। जिसमे सड़क ,बिजली ,जल ,घनकचरा और साथ ही साथ अतिक्रमण। पहले ग्राम पंचायत फिर नगर परिषद् / नगर पालिका अब मिरा भायंदर "महानगर पालिका" बनने से आवश्यक जनउपयोगी संसाधन जुटाने हेतु कर्मचारीओ की कमी पड़ने पर कर्मचारीओ कि नियुक्ति ठेका पद्धत से पालिका करने लगी। कुछ चतुर प्रवत्ति तथा चापलूसी प्रवत्ति के ठेका पद्दत से आये "ठेका अधिकारी" यहाँ की राजनीती को समय के हिसाब से समझ कर "समय - समय" पर जनता द्वारा चुने गए "नेताओ " कि चाटुकारिता कर पक्ष व् विपक्ष के दलों के भावनाओ से साथ "आर्थिक व मानसिक" साथ देकर जल्द ही नेताओ के ल...
आरटीआई से खुला राज "आज तक आये सभी आयुक्त ने भी नहीं निभाया अपनी जिम्मेदारियाँ।"
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मिरा भायंदर महानगर पालिका मे अवैध मोबाईल टावरो कि भरमार
मिरा भायंदर महानगर पालिका मे अवैध मोबाईल टावरो कि भरमार।। महानगर पालिका अधिनियम 1949 का कालम 260 का हवाला देकर प्रभाग अधिकारीयो ने कि जेब भारी। मिरा भायंदर : सुचना अधिकार कार्यकार्ता संतोष कुमार तिवारी ने मिराभायंदर महानगर पालिका मे वर्ष 2016 मे सुचना अधिकार के तहत मनपा श्रेत्र मे लगे अनाधिकृत मोबाईल टावरो कि लिस्ट जो टीआरआई व मा. उच्च्यतम न्यायालय के दिशानिर्देश के विपरीत है मांगी थी। आपको जानकारी हेतु यह जानना अत्यंत आवश्तयक है कि मनपा नगररचना विभाग ने पत्र क्रमांक मनपा/नर 3191/ 16- 17 दिनांक 15/10/2016 को स्वय मनपा उप आयुक्त को पत्र लिखकर शासन के पत्र क्रमांक मिभाम /1316/107 /नवि – 28 दिनांक 17/6/16 व 17 5/16 के पत्र के जबाब मे माना था कि मनपा क्षेत्र मे परवानगी प्राप्त 55 मोबाईल टार्वस तथा मुद्वतवाढ ना लेने के कारण अनाधिकृत 224 व मोवाईल टावर्स का परवानगी सवंधित विभाग के पास अर्ज त्रुटी के कारण नामंजुर 336 हुए है।मनपा इन मोबाईल टावरो मे जो मोबाईल कंपनीया बंद हो चुकि है उन...
भारतरत्न पंडित भीमसेन जोशी "टेम्बा" अस्पतल में चलता है "रामराज्य" प्रशाषन बेखबर , डॉक्टर मालामाल
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"आचार सहिंता" लगाने से पूर्व मिरा-भायंदर महानगर पालिका द्वारा "करोडो" का प्रस्ताव मिनटों में पास।
वरिष्ठ शिवसेना नगर सेविका व सभापति प्रभाग ४ (मनपा ) श्रीमती तारा घरत महाराष्ट्र : ठाणे,मिरा -भायंदर महानगर पालिका को अपने चुंगल में ले चुके दीपक खंबित ने भाजपा द्वारा शिवसेना को युति के नाम पर घोटा लोकतन्त्र का गला। "खंबित का खेल" ( भाजपा ने युति के नाम पर घोटा लोकतंत्र का गला, किया शिवसेना से विश्वास घात ) महारष्ट्र में शिवसेना भाजपा दोनों मिलकर हमेशा सरकार बनाने के कारण छोटे भाई और बड़े भाई की भूमिका में रहती है। यह विधान सभा में आपसी विरोध के कारण दोनों हो पार्टिया सन २०१४ अगल अलग चुनाव लड़ी। मिरा भायंदर महानगर में एक छत्र राज चलाने वाले "कार्यकारी अभियंता श्री दीपक खंबित "द्वारा हमेशा से ही लुटा जाता रहा है। "आचार सहिता" से पूर्व खेला गया पूर्व नियोजित तरीके से भरस्टाचार का खेल। इस की विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर जाये। दीपक खंबित का खेल : https://rtiactivistsantoshtiwari.blogspot.com/ कमेटी के मीटिंग अचानक मीरा भायंदर नगर पालिका में दिनाक ६/सितम्बर २०१९ को ...
अंधेर नगरी चौपट राजा , तु भी खायेजा हम भी खाये। ..(ठेकेदार से मनपा अधिकारिओ की साथ गाठ )
सौर ऊर्जा के नाम पर भ्रस्ट अधिकारिओ का का ला सच प्रेस नोट अंधेर नगरी चौपट राजा , तु भी खायेजा हम भी खायेजा । ......... मिरा भायंदर महानगर पालिका में सौर ऊर्जा घोटाला क्यों है महाराष्ट्र की यह महानगर पालिका कंगाल ???? में मिराक्लस इलेक्ट्रॉनिक्स सोल्युशन इंडिया प्रा लि का क्या है इस खेल में कंनेक्शन ?? वैसे तो मिरा भायंदर महानगर पालिका का सार्वजनिक बांधकाम विभाग संपूर्ण महाराष्ट्र में भ्रस्टाचार के मामले में अव्वल नंबर पर आता है। इसमें आपको कोई अतिसूक्ति नहीं होनी चाहिए। इस खेल के लिए अधिकारी ठेकेदारों के मार्फ़त अपनी आय को दुगना और चार गुना करने में दिनरात प्रयत्नशील रहते है। भरष्टाचार के दो मुख्य चेहरे Mr.Prashant Jankar ( Jr...
भारत में भ्रष्टाचार
भारत में भ्रष्टाचार अंग्रेजों ने भारत के राजा महाराजाओं को भ्रष्ट करके भारत को गुलाम बनाया। उसके बाद उन्होने योजनाबद्ध तरीके से भारत में भ्रष्टाचार को बढावा दिया और भ्रष्टाचार को गुलाम बनाये रखने के प्रभावी हथियार की तरह इस्तेमाल किया। देश में भ्रष्टाचार भले ही वर्तमान में सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार ब्रिटिश शासनकाल में ही होने लगा था जिसे वे हमारे राजनेताओं को विरासत में देकर गये थे। चर्चा और आन्दोलनों का एक प्रमुख विषय रहा है। आजादी के एक दशक बाद से ही भारत भ्रष्टाचार के दलदल में धंसा नजर आने लगा था और उस समय संसद में इस बात पर बहस भी होती थी। 21 दिसम्बर 1963 को भारत में भ्रष्टाचार के खात्मे पर संसद में हुई बहस में डॉ राममनोहर लोहिया ने जो भाषण दिया था वह आज भी प्रासंगिक है। उस वक्त डॉ लोहिया ने कहा था " सिंहासन और व्यापार के बीच संबंध भारत में जितना दूषित, भ्रष्ट और बेईमान हो गया है उतना दुनिया के इतिहास में कहीं नहीं हुआ है। " भ्रष्टाचार से देश की अर्थव्यवस्था और प्रत्येक व्यक्ति पर विपरीत प्रभाव पड़...
जाने क्या है सुचना का अधिकार २००५
संतोष तिवारी (सुचना अधिकार कार्यकर्ता ) 15 जून 2005 को इसे अधिनियमित किया गया और पूर्णतया 12 अक्टूबर 2005 को सम्पूर्ण धाराओं के साथ लागू कर दिया गया। सूचना का अधिकार अर्थात राईट टू इन्फाॅरमेशन। सूचना का अधिकार का तात्पर्य है, सूचना पाने का अधिकार, जो सूचना अधिकार कानून लागू करने वाला राष्ट्र अपने नागरिकों को प्रदान करता है। सूचना अधिकार के द्वारा राष्ट्र अपने नागरिकों को अपनी कार्य और शासन प्रणाली को सार्वजनिक करता है। लोकतंत्र में देश की जनता अपनी चुनी हुए व्यक्ति को शासन करने का अवसर प्रदान करती है और यह अपेक्षा करती है कि सरकार पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का पालन करेगी। लेकिन कालान्तर में अधिकांश राष्ट्रों ने अपने दायित्वों का गला घोटते हुए पारदर्शिता और ईमानदारी की बोटियाँ नोंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े कीर्तिमान कायम करने को एक भी मौक अपने हाथ से गवाना नहीं भूले। भ्रष्टाचार के इन कीर्तिमानों को स्थापित करने के लिए हर वो कार्य किया जो जनविरोधी और अलोकतांत्रिक हैं। सरकारे यह भूल जाती है कि जनता ने उन्ह...
महा,ठाणे,मिरा भाईंदर महानगर पालिका: *खंबित का नया कमाल, फंस गए गुरु घंटाल*
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भारत से पहले रॉकेट छोड़ने वाला पाकिस्तान स्पेस प्रोग्राम में क्यों हुआ फेल
भारत से कई साल पहले शुरू हुआ था पाकिस्तानी स्पेस प्रोग्राम पाकिस्तानी 'सुपारको' की स्थापना 1961 में हुई थी जबकि भारतीय 'इसरो' की स्थापना करीब इसके 8 साल बाद 1969 में हुई थी. पाकिस्तान लंबी लंबी बातें तो बहुत करता है. अंतरिक्ष को लेकर भी उसने भारत से कहीं पहले अपने स्पेस प्रोग्राम की शुरुआत की थी लेकिन अब तो इस मामले में इतना पिछड़ चुका है कि जब वो अंतरिक्ष या चांद पर जाने की बात करता है तो खुद उसके देश के लोग ही उसकी हंसी उड़ाने लगते हैं. आखिर क्यों पाकिस्तान अंतरिक्ष के मामले में टांय-टांय फिस्स हो गया. हम सब ये जानते हैं कि भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो दुनिया की सबसे ताकतवर स्पेस एजेंसियों में से एक है. लेकिन क्या आपने पड़ोसी देश पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी सुपारको के बारे में सुना है.बहुत कम लोगों को मालूम है कि भारत से कई साल पहले शुरू हुआ था पाकिस्तानी स्पेस प्रोग्राम. सुपारको की स्थापना 1961 में हुई थी जबकि इसरो की स्थापना करीब इसके आठ साल बाद 1969 में हुई थी. साल 1960 में पाक में सबसे बड़े शहर कराची में पाकिस्तान-अमरीकी काउंसिल का लेक्चर ...